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Blood Sugar Symptoms : ब्लड शुगर बढ़ा होने पर ऐसा दिखने लगता है पेशाब का रंग, इन 5 लक्षणों को भी न करें इग्नोर

यदि आप इंसुलिन या ओरल डायबेटिक की दवा लेते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने भोजन और नाश्ते की मात्रा और समय के बारे में सही रहें।

Blood Sugar Symptoms : जब आपके यूरिन में बहुत अधिक शुगर जमा हो जाती है, तो कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती है।

इसकी वजह से आप शारीरिक रूप से कमजोरी महसूस करना, थकावट और ऊर्जा की कमी से परेशान रहते हैं।

अगर आपका ब्लड शुगर लेवल ज्यादा बढ़ गया है तो यूरिन का रंग बादल (Cloudy) जैसा हो जाता है। इसमें एक हल्की मीठी सी महक भी आ सकती है।

इसलिए इन संकेतों को समझकर आपको संबंधित डॉक्टर से मिलने और अपने लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव करने की जरूरत होती है।

रंग बदलने के पीछे यूटीआई इंफेक्शन भी वजह हो सकती है। यूटीआई यूरिनरी ट्रैक्ट के किसी भी हिस्से में होने वाला बैक्टीरियल इन्फेक्शन है।

यूटीआई के दौरान, आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए सफेद रक्त कोशिकाओं को छोड़ता है। सफेद रक्त कोशिकाओं की उपस्थिति आपके यूरिन को बादल (Cloudy) जैसा रंग दे सकती है।

ब्लड शुगर बढ़ने के लक्षणों में भूख और प्यास बढ़नी, बार-बार यूरिन आना, किसी भी तरह के घाव को ठीक होने में समय लगना, देखने में आंखों के सामने धुंधलापन आना और बहुत ज्यादा थकान लगना आदि शामिल हैं।

इस समस्या से पीड़ित लोगों को इन पांच लक्षणों काे कभी भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।

अपने डायट प्लान का पालन करें

यदि आप इंसुलिन या ओरल डायबेटिक की दवा लेते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने भोजन और नाश्ते की मात्रा और समय के बारे में सही रहें।

आप जो खाना खाते हैं वह आपके शरीर में काम कर रहे इंसुलिन के संतुलन में होना चाहिए।

खुद डॉक्टर से मिलकर सही स्थिति बताएं

आपकी उपचार योजना के आधार पर आप अपने ब्लड शूगर के स्तर को जानने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह लेते रहे। पीड़ित को खुद डॉक्टर से मिलकर अपनी सही स्थिति बतानी चाहिए।

डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही दवा लें

दवाओं को कभी भी अपने मन से न लें। किसी के बताने पर भी दवा का सेवन न करें। केवल आपका इलाज कर रहे डॉक्टर की सलाह को ही फॉलो करें।

वह जैसा और जितनी मात्रा में बताए, वैसा ही और उतनी ही मात्रा में दवा खाएं।

जीवनशैली में बदलाव

जिनका ब्लड शुगर बढ़ा हो, उन्हें नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी पीना, छोटी मात्रा में और लगातार भोजन करना, तनाव से बचना और अच्छे माहौल में रहना चाहिए।

ब्लड शुगर के स्तर की निगरानी

पीड़ित को नियमित रूप से अपने रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करनी चाहिए। कोई भी कमी होने पर तुरंत डॉक्टर को रिपोर्ट करनी चाहिए। हाई ब्लड शुगर होने पर व्यायाम भी करना चाहिए।

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